हिंदी के सुपरिचित कवि-कथाकार प्रकाश मनु की कहानियों का कुछ अलग रंग-अंदाज हैं। पिछले तीन दशकों में लिखे गए चर्चित उपन्यासों 'यह जो दिल्ली है', 'कथासर्कस', 'पापा के जाने के बाद' के साथ-साथ उनकी कथायात्रा निरंतर चलती रही, जिसने हिंदी के बहुतेरे लेखकों, पाठकों का ध्यान आकर्षित किया। एक ओर 'अंकल को विश नहीं करोगे', 'मिनी बस' सरीखी उनकी कहानियाँ हर रोज कुछ और अमानवीय होते गए समय में सार्थक हस्तक्षेप की तरह देखी गईं, तो दूसरी ओर 'सुकरात मेरे शहर में' जैसी कहानियाँ जीवन की तलछट में जी रहे कड़ियल और ईमानदार पात्रों का रोजनामचा पेश करती हैं।
प्रकाश मनु की बहुतेरी कहानियाँ हमारी दुनिया में स्त्रियों की तकलीफों, उत्पीड़न और भीतरी कशमकश से जुड़ती हैं और स्त्री पात्रों को इतनी निकटता और संजीदगी से पेश करती हैं कि लगता है, हर पात्र अपनी मुश्किलों और आँसुओं की एक अलग कहानी कह रहा है। एक कहानीकार के रूप में मनु की खासियत यह है कि उनकी हर कहानी एक अलग चेहरे की तड़पन को सामने लाती है। ये कहानियाँ पाठक को अपने साथ बहा ले जाती हैं। प्रकाश मनु की 21 श्रेष्ठ कहानियों का यह संग्रह, निस्संदेह हिंदी साहित्य के लेखकों और पाठकों को बहुत कुछ अपना-सा और आत्मीय लगेग
Author: Prakash Manu |
Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd |
Publication Date: Jan 18, 2022 |
Number of Pages: 250 pages |
Binding: Paperback or Softback |
ISBN-10: 8128824791 |
ISBN-13: 9788128824791 |