""कुछ लम्हे कुछ बातें कुछ हसीं कुछ नहीं पिरोकर लाएं हैं आपकी महफ़िल में। इन मोतियों में से कुछ पसंद आये तो सजा लेना न आये तो छुपा देना पहली कोशिश की है हो सकता है हम इस क़ाबिल नहीं। लब्ज़ों की भीड़ में जज़्बातों के ढेर से चंद और अपना लेना मुश्किल भी नही।""
| Author: Neeta Agarwal |
| Publisher: Bookleaf Publishing |
| Publication Date: Jul 01, 2024 |
| Number of Pages: 44 pages |
| Binding: Paperback or Softback |
| ISBN-10: 9360948934 |
| ISBN-13: 9789360948931 |