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Redgrab Books pvt ltd

Bharat Maa Ki Goud Mein

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Product Code: 9789391531706
ISBN13: 9789391531706
Condition: New
$14.52

Bharat Maa Ki Goud Mein

$14.52
 
" कवि कथाकार सुभाषचंद्र गांगुली मानवीय सरोकारों और विरल सम्वेदनाओ के अप्रतिम रचनाकार हैं । कहानियों की तरह ही इनकी कविताओं से गुजरना भी एक भिन्न आस्वाद देता है।वह अहिन्दी भाषी रचनाकार होने का अपने तई कोई लाइसेंस नहीं लेते बल्कि कई बार ऐसा उत्कृष्ट लेखन औरहिन्दी का ऐसा विलक्षण प्रयोग करते हैं कि सुखद आश्चर्य से भर जाना होता है । लगता ही नहीं है कि हिंदी इनकी मातृभाषा नहीं है। बांग्ला की तरह हिंदी भाषा भी इनकी काव्यचेतना में सुसज्जित रूप में मिलती है। हिन्दी का आलोक भी इन्होने अपनी आत्मा के आलोक से जोड़ रखा है । इन्होंने हिंदी और बांग्ला भाषा के बीच एक सेतु बना रखा है, जिस पर मुक्त रुप से आवाजाही करते हैं वरन पाठक और भावक मन को यह अवसर भी उपलब्ध कराते हैं कि वह इन भाषाओं की मिठास में भीग सके । उनकी कविताओं में जीवन स्पन्दित होता हुआ सा महसूस होता है । सामाजिक संदर्भ हो या निजी अनुभूति सबको शब्द देकर जैसे वह काल के भाल पर हस्ताक्षर करते हैं । समय मुखरतम रूप में पनाह पाता है । कहानी हो या कविता वह एक योद्धा लेखक के रुप में सामने आते हैं । कविता की गूंज-अनुगूंज को वह पारे की तरह संजोते सहेजते है और फिसल जाने से बचाते हैं। निश्चित ही


Author: Subash Chandra Ganguly
Publisher: Redgrab Books Pvt Ltd
Publication Date: Oct 07, 2022
Number of Pages: 106 pages
Binding: Paperback or Softback
ISBN-10: 9391531709
ISBN-13: 9789391531706
 

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